UP में कांग्रेस: सूत ना कपास, जुलाहों में लट्ठम-लट्ठा..

बलरामपुर में टिकट न मिलने पर  कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव को पीटा। इस खबर को सुनकर पहली बात जो दिमाग़ में आई वो ये कि "न सूत न कपास और जुलाहों में लठ्ठम लठ्ठा"। उत्तरप्रदेश में कांग्रेस कि स्थिति नहीं है वो सम्मानपूर्वक चुनाव भी लड़ सके और इसी वज़ह से कांग्रेस ने महिलाओं को टिकट देने का चुनावी दांव खेला है ताकि सहानुभूति स्वरुप कुछ वोट बटोरे जा सकें। कांग्रेस पंजाब, राजस्थान में सत्ता में है वहां कितनी महिलाओं को आगे किया है? पंजाब में तो चुनाव भी हैं क्या वहां भी उत्तरप्रदेश की तरह ही उसी अनुपात में महिलाओ टिकट बांटे गए?  जाहिर सी बात है यह एक चुनावी स्टंट है और ऐसे में टिकट न मिलने पर मार पीट की बात सुन हंसी आती है। अब यह पब्लिसिटी पाने की कोशिश है या सच में मार पीट हुई है ये अभी तय करना थोड़ा मुश्किल है क्यूंकि नेताओं पर भरोसा करना हमेशा से मुश्किल ही रहा है। हालांकि इस खबर ने प्रदेश में गैर कांग्रेसियों को हँसने का मौका जरूर दे दिया है।इस खबर के साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी के कांग्रेस छोड़ने का कारण याद करना भी जरूरी है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि मथुरा में उनसे दुर्व्यवहार करने वालों पर उचित कार्यवाही नहीं हुई और वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया। इन सब बातों से प्रियंका गाँधी को भी बाकी महिलाओं की चिंता छोड़ पहले कांग्रेसियों से खुद को मार पीट से बचाने पर ध्यान देना चाहिये।

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